रोगी के अधिकार

अस्पताल में लगभग सभी चीज़ों पर बात होती है, लेकिन क्या रोगी के भी कुछ अधिकार हैं- बता रही हैं डॉ. पल्लवी गुप्ता patient rights

जब भी हम किसी अस्पताल में जाते है तो रोगी होने से हमे बहुत से अधिकार मिलते है किन्तु हममें से ज्यादातर लोग इन अधिकारों को नहीं जानते है. यहाँ इन अधिकारों के बारे में बताया गया है।

1. मरीज का आदर के साथ इलाज होना- हर मरीज का अधिकार है डॉक्टर व अस्पताल में उसकी आदर पुरवक चिकित्सा हो।

२. अपनी बीमारी, चिकित्सा व दवाइयों के बारे में जानकारी प्राप्त करना –मरीज को ये अधिकार है के वोडॉक्टर से सारी जानकारी प्राप्त करे उस भाषा में जिसमे वो समाज सके । यदि किसे कारणवश मरीज के येजानकारी नहीं दे जासकती तो मरीज के किसी करीबी रिश्तेदार को सब जानकारी देजाने चाहिए।

 

३. मरीज की  चिकित्सा में लगे सभी लोगो के बारे में जानकारी प्राप्त करना – मरीज  को ये अधिकार  हैके वो अपनी चिकित्सा में लगे सभी लोग जैसे  डॉक्टर, नर्स,  फ़िज़ियोथेरेपिस्ट, सर्जन के बारे में जानकारी प्राप्त करे।

 

. मरीज के मेडिकल रिकॉर्ड व अन्य सभी रिकॉर्ड गुप्त रखें जाये –मरीज के मेडिकल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने बहुत से नियम बनाए है. मरीज की मर्जी के बिना ये जानकारी किसे को नहीं दे जा सकती।

 

५. मरीज की देखरेख में पूरी गोपनीयता या  एकांतताराखी जाये –मरीज  का डॉक्टर के द्वारा परिक्षण व चर्चा एकांत में की जाये. डॉक्टर व स्टाफ के अलावा अगर अन्य लोग वह उपस्थित है तो उन्हें मरीज की अनुमति लेने  होगे.

 

. इमरजेंसी/ आपातकालीन अवस्था में  मरीज का तुरंत इलाज हो – आपातकालीन अवस्था में अस्पताल द्वारा मरीज का तुरंत इलाज किया जाये. यदि अस्पताल में सुविधाएं नहीं है तो मरीज को सुरक्षा के साथ दूसरे जगह पहुंचाया जाये।

 

७.किसी प्रयोग या खोज में हिस्सा लेने से मना करना – बहुत से खोज संस्थानों में बहुत से प्रयोग होते है, मरीज को अधिकार है के वो उनमे हिस्सा लेने से मना कर दे. डॉक्टर या हॉस्पिटल मरीज के मर्जी के बिना कुछ नहीं कर सकते।

 

. मेडिकल रिकॉर्ड की कॉपी प्राप्त करना –मरीज को अधिकार है के वो अपने मेडिकल रिकॉर्ड की कॉपी प्राप्त करे. अस्पताल को मरीज  के रिकॉर्ड की गोपनीयता को धयान में रखकर मरीज को कॉपी देनी होगी।

 

९. अस्पताल के नियमों के बारे में जानकारी लेना – मरीज का अधिकार है की वो अस्पताल के  नियम जैसे मरीज से मिलने का समय, नर्स के ड्यूटी चेंज का समय ,के बारे में जानकारी प्राप्त करे.

 

१०. बिल की जानकारी प्राप्त करना – मरीज का अधिकार है के वो बिल प्राप्त करे तथा उसका स्पष्टीकरण भी प्राप्त करे चाहे बिल का भुगतान कोई भी कर रहा हो.

 

११. अपनी बीमारी व चिकित्सा के लिए दूसरे डॉक्टर के राय लेना– मरीज का अधिकार है की वो अपनी बीमारी के बारे में दूसरे डॉक्टर की राय ले, डॉक्टर बदल ले या किसी  चिकित्सा से मन कर दे, मरीज को इसका परिडाम बताना डॉक्टर का काम है।

 

१२. सूचित सहमति देना – मरीज को डॉक्टर द्वारा बीमारी, चिकित्सा व सर्जरी की पूरी जानकारी दी जाने चाहिए जिससे  मरीज अपनी सूचित सहमति दे सके. चिकित्साकी अवधी, सर्जरी से जुड़े जोखिम आदि सबकी जानकारी मिलने के बाद ही मरीज की सहमति ले जाये.

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